Interstate Council (अंतरराज्यीय परिषद)
राज्यों के बीच सार्थक समन्वय स्थापित करने के लिए अनु0 263 एक Interstate Council की स्थापना का उपबन्ध करता है। Interstate Council (अंतरराज्यीय परिषद) की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत 28 मई, 1990 के राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से की गई थी। केन्द्र-राज्य सम्बन्धों पर सरकारिया आयोग (1983-87) द्वारा एक अस्थायी Interstate Council की स्थापना की मांग की गई थी।
इसमें प्रधानमंत्री, सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के मुख्यमंत्री और कैबिनेट स्तर के छह मंत्री होते हैं। यदि किसी स्वतन्त्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के विभाग से सबन्धित मद कार्य सूची में है तो उस मंत्री को भी आमन्त्रित किया जा सकता है। परिषद की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करता है। यह एक सलाहकारी निकाय है जो सिर्फ सिफारिश करता है। इसकी स्थापना के पश्चात सरकारों के बीच परामर्श, समन्वय और सहकार के लिए एक मंच बन गया है।
- इसका उद्देश्य राज्यों के बीच नीतियों, सामान्य हित के विषयों और विवादों पर चर्चा या जांच करना है।
- देश में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के और समर्थन करने के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करना तथा नियमित बैठकों का आयोजन करके परिषद और क्षेत्रीय परिषदों को सक्रिय करना।
संवैधानिक प्रावधान
- संविधान का अनुच्छेद 263 यह प्रावधान करता है कि यदि किसी भी समय राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि परिषद की स्थापना से सार्वजनिक हितों की सेवा होगी, तो ऐसी स्थिति में Interstate Council की स्थापना की जा सकती है।
- अनुच्छेद 263 उन कर्तव्यों को भी निर्दिष्ट करता है जिन्हें अंतर राज्यीय परिषद को सौंपा जा सकता है।
- राष्ट्रपति ऐसी परिषद द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों की प्रकृति और उसके संगठन और प्रक्रिया को परिभाषित कर सकता है।
परिषद के कार्य
- जिन विषयों पर एक या अधिक राज्यों का सामान्य हित है उनका अन्वेषण और उन पर विचार-विमर्श।
- उन विषयों की जांच करना और उन पर चर्चा करना जिनमें राज्य या केन्द्र की साझे हित हो।
- नीति के बेहतर समन्वय तथा उस पर कार्यवाही के लिए ऐसी किसी भी विषय पर सिफारिशें करना।
- राज्यों के सामान्य हित के ऐसे अन्य मामलों पर विचार-विमर्श करना जो अध्यक्ष द्वारा इसे सन्दर्भित किए गये।
- यह क्षेत्रीय परिषदों और अंतर राज्यीय परिषद द्वारा केन्द्र-राज्य तथा अंतर-राज्य सम्बन्धों के सभी लम्बित और उभरते मुद्दों पर विचार करने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है।
जब अनेक राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक दल की सरकारें हो और केन्द्र में एक अलग दल की सरकार है तो Interstate Council मदभेदों को सुलझाने के लिए एक उपयोगी उपकरण है।
Interstate Council का पुनर्गठन
केन्द्र सरकार ने 19 मई, 2022 को जारी अधिसूचना के माध्यम से देश में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए काम करने वाली अंतरराज्यीय परिषद का पुनर्गठन किया।
इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अध्यक्ष के रूप में तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री व 6 केन्द्रीय मंत्री सदस्य के रूप में शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार, 10 केन्द्रीय मंत्री Interstate Council में स्थायी रूप से आमन्त्रित होंगे।
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