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नेफा (NEFA) -नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (North-East Frontier Agency)
नेफा (NEFA) का पूरा नाम नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (North-East Frontier Agency) था। यह भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित एक ऐतिहासिक प्रशासनिक क्षेत्र था, जो आज के अरुणाचल प्रदेश के रूप में जाना जाता है। नेफा का महत्व केवल भौगोलिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
NEFA भारत के सुदूर उत्तर-पूर्व में स्थित था। इसके उत्तर में चीन (तिब्बत क्षेत्र), पूर्व में म्यांमार, पश्चिम में भूटान तथा दक्षिण में असम स्थित है। यह क्षेत्र पहाड़ों, नदियों और घने वनों से आच्छादित है। यहाँ की प्रमुख नदियाँ ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियाँ हैं, जैसे— सियांग, सुबनसिरी, लोहित आदि।
ब्रिटिश शासन के दौरान नेफा क्षेत्र को असम फ्रंटियर ट्रैक्ट्स के नाम से जाना जाता था। आज़ादी के बाद, 1954 में इसे औपचारिक रूप से NEFA नाम दिया गया और इसका प्रशासन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन रखा गया। इसका कारण था इस क्षेत्र का अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट होना और इसकी सामरिक संवेदनशीलता।
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1962 में भारत और चीन के बीच हुआ भारत-चीन युद्ध 1962 ने नेफा को वैश्विक स्तर पर चर्चा में ला दिया। इस युद्ध में चीन ने नेफा के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, लेकिन बाद में युद्धविराम के पश्चात वह पीछे हट गया।
1965 में NEFA का प्रशासन विदेश मंत्रालय से हटाकर गृह मंत्रालय को सौंप दिया गया। इसके बाद क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान दिया गया। 1972 में नेफा को एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में स्थापित किया गया और इसका नाम बदलकर अरुणाचल प्रदेश रखा गया। अंततः 1987 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।
नेफा (NEFA) का पूरा नाम नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (North-East Frontier Agency) था